भूपालि-त्रिताल
गायिये गणपति जगवन्दन ।
शङ्करसूवन भवानीनन्दन ।।
सिद्धिसदन गजवदन विनायक ।
कृपासिन्धु सुन्दर सब दायक ॥
मोदकप्रिय मुदमङ्गलदाता ।
विद्यावारिधि बुद्धिविधाता ॥
मांगत तुलसीदास कर जोरे ।
बसहि रामसिया मानस मोरे ॥
भूपालि-त्रिताल
गायिये गणपति जगवन्दन ।
शङ्करसूवन भवानीनन्दन ।।
सिद्धिसदन गजवदन विनायक ।
कृपासिन्धु सुन्दर सब दायक ॥
मोदकप्रिय मुदमङ्गलदाता ।
विद्यावारिधि बुद्धिविधाता ॥
मांगत तुलसीदास कर जोरे ।
बसहि रामसिया मानस मोरे ॥